ढाल - 1, Class - 24
धर्म बिना जो जीवन जीव, व्यर्थ नेत्र बिन वक्त्र सदीव।
धर्म पाय विषयन में व्यस्त, चंदन दाह भस्म कर मस्त ॥12॥