ढाल - 3, Class - 37
होंय सभी उपशान्त कषायें सो ग्यारहवाँ ठाणो
नष्ट हुईं यदि सकल कषायें क्षीणमोह वह जानो।
घाती कर्मों के क्षय से फिर केवलज्ञानी सयोगी
तेरहवें में योग नाश से केवली होंय अयोगी॥१६॥