ढाल - 2, Class - 15
श्री जिनमुख निर्गत शास्त्र बोध, नययुत ना पूर्वापर विरोध।
ता ही से वस्तु स्वरूप सिद्ध, संसार बंध मुक्ति प्रसिद्ध ॥५॥