ढाल - 3, Class - 1
निश्चय से सब जीव शुद्ध है, एकेंद्रिय या सिद्ध,
विधि व्यवहार बताता किस विध संसारी हो सिद्ध।
योग कषायों के ही कारण आत्मा के परिणाम,
तिनको ही गुणथान कहो है चौदह संख्य प्रमाण ॥1॥