ढाल - 3, Class - 30
त्रस थावर हिंसा से विरती पंच महाव्रत धारी,
तीव्र चतुर्थ कषाय उदय में हो प्रमाद की बारी।
सो छठवें गुणथानक मुनिवर उत्तम पात्र बने हैं,
मन्द कषाय उदय गुण सप्तम रहित प्रमादपने है ॥12॥