ढाल - 4, Class - 11
क्रम से कहने पर दोनों को युगपत् कहना नहीं बने,
इसीलिए सदसत् अवाच्य का सप्तभंग संधान बने।
केवलज्ञानी वस्तु धर्म सब आतम से साक्षात् लखें,
वैसा ही श्रुतज्ञानी जाने नय से किन्तु परोक्ष लखें॥१२॥