ढाल - 3, Class - 16
इन तीनों गुणथान विषैं सब जीव अशुभ उपयोगी
जगन धरे अविरत सद् दृष्टि भावत शुभ उपयोगी॥
यह ही जघन पात्र कहलाते जघन ही अंतर आतम,
शुभ उपयोग बढ़े व्रत से तो मध्यम अंतर आतम॥८॥